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कोरोना महामारी  के कारण दुनिया के कई देशों में फंसे भारतीय लोगों को लाने के लिए सरकार आ मिशन वंदे भारत (Vande Bharat mission) शुरू कर रही है। इस मिशन के तहत एयर इंडिया (air India flights) हजारों लोगों को स्वदेश लाएगी।

एयर इंडिया 64 उड़ानों के जरिए कोरोना महामारी के कारण फंसे भारतीयों को लाएगी स्वदेश, भारतीय नौसेना के जहाज भी समुद्र सेतु मिशन से भारतीयों की कराएगी घर वापसी.

भारत सबसे पहले खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों को स्वदेश लाएगा। संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने वैसे देशों पर प्रतिबंधों की धमकी दी थी जो कोविड-19 महामारी के बाद अपने नागरिकों को वहां से नहीं ले जाना चाहते थे। खाड़ी देशों से प्रत्यर्पित किए जाने वाले लोगों को सबसे पहले लाया जाएगा।

मिशन वंदे भारत में लौटने वाले लोगों को यात्रा का पूरा खर्च और स्वदेश वापसी के बाद 14 दिनों के हॉस्पिटल या कहीं अन्य जगह क्वारंटीन सुविधा के लिए पैसे देने होंगे। नौसेना ने इस मिशन को समुद्र सेतु (Samudra Setu) दिया है। नौसेना के जहाजों से लौटने वाले लोगों को भी पैसा देना पड़ सकता है।

सरकार कई एजेंसियों के सहयोग से ‘वंदे भारत मिशन चला रही है, जिसके तहत विशेष उड़ानें ब्रिटेन, अमेरिका, और सिंगापुर, मलेशिया, कुवैत, सऊदी अरब, फिलीपींस, संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) और बांग्लादेश भेजी जाएंगी. इन विशेष फ्लाइट्स में 200 से 300 यात्रियों को ही बैठने की इजाजत होगी, अर्थात इन विशेष विमानों में भी सोशल डिस्‍टेंसिंग का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा.

  • कोरोनावायरस के कारण वैश्विक यात्रा पर प्रतिबंध होने से विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने हेतु ‘वंदे भारत मिशन’ चलाया गया है।
  • इस मिशन के तहत विदेशों में फंसे लगभग 1,5000 भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाया जाएगा।
  • इसके लिये भारत सरकार द्वारा 7-13 मई तक 64 हवाई उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
  • इस मिशन के अंतर्गत कुछ ही लोगों को भारत वापस लौटने की अनुमति दी जाएगी जैसे- जिनके रोज़गार समाप्त हो गए हैं, जिनके वीजा समाप्त हो गए हैं और वर्तमान परिस्थितियों के कारण उत्पन्न समस्या से अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया हो।
  • वर्ष 1990 में खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत से7 लाख लोगों के निकासी ऑपरेशन के बाद यह मिशन अब तक का सबसे बड़ा निकासी ऑपरेशन हो सकता है।

वंदे भारत मिशन नागरिकों को वापस लाने का कार्य दो चरणों में किया गया है.

1) पहले चरण में एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के द्वारा 64 विमानों के जरिए 7 से 14 मई के बीच में 12 देशों से 14,800 भारतीयों को स्वदेश लाया जाएगा।इस यात्रा के लिए सभी यात्रियों से पूर्व निर्धारित शुल्क लिया गया है।

दिल्ली के लिए 22 , कर्नाटक के लिए 17 , तेलंगाना के लिए 16 , गुजरात के लिए 14 , राजस्थान के लिए 12,  आंध्र प्रदेश के लिए 9 , पंजाब के लिए 7 , बिहार के लिए 6 , उत्तर प्रदेश के लिए 6 , उड़ीसा के लिए 3 , चंडीगढ़ के लिए 2 , जम्मू-कश्मीर , जयपुर , मुंबई और मध्यप्रदेश के लिए 1 उड़ानें नागरिकों को लेकर स्वदेश पहुंची।

2)दूसरे चरण में लगभग 30,000 भारतीयों को लाया जाएगा। इस चरण में 31 देशों से 149 फ्लाइट के जरिए 16 से 22 मई के बीच इन भारतीयों को वापस लाया जाएगा। अमेरिका से 28,000 लोग वापस लौटना चाहते हैं।

दूसरे चरण में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अमेरिका , संयुक्त अरब अमीरात , कनाडा , सऊदी अरब , ब्रिटेन , मलेशिया ,ओमान , कजाकिस्तान , ऑस्ट्रेलिया , यूक्रेन , कतर , इंडोनेशिया आदि देशों से भारतीय नागरिकों को वापस लाएगी।